Saturday, February 12, 2011

ॐ श्री गणेशाय नम:
ॐ नमः शिवाय
ॐ ब्रह्म ब्रह्स्पताये नमः 
ॐ श्री हनुमत नमः 
ॐ शं शनिश्चारय नमः 
ॐ धनं लक्ष्मी नमोस्तु  सर्व दारिद्र्य नाशिनी 
धनं देहि श्रियम देहि सर्व कामाक्ष देहि मम .
ॐ भुर्व भुर्वः स्वः तत्सवितुर्वरेनियम
भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो नः प्रचोदयात .
सर्व मंगल मान्गलिये शिवे सर्वार्थ साधिके .
शरण्ये त्रयम्बिके गौरी नारायणी नमोस्तुते .


 
 


Tuesday, January 25, 2011

जागा है जागा है जागा हिन्दुस्तान हमारा जागा हिन्दुस्तान

जागा है जागा है जागा हिन्दुस्तान हमारा जागा हिन्दुस्तान ,

जागा है जागा है जागा हिन्दुस्तान हमारा जागा हिन्दुस्तान ,
मिलजुल कर हम करे कामना हो गणतंत्र महान हो गणतंत्र महान .   
  
आयेंगी मुश्किलें हजारो पर हम भी लाचार नहीं ,
दो कोड़ी के हाथो बिकने को हम अब तैयार नहीं ,
ये तूफान  एक दिन सारी दुनिया को बदलदेगा, 
जागा है जागा है .....................................

जो पत्थर दरिया को रोके  रोक ना  कोई पाए गा ,
सदियों से बहते  पानी  को आगे कोई रोक ना पायेगा  ,
इस घर की धारा के आगे बुजदिल कभी ना संभलेगा ,
जागा है जागा है ...............................................

गणतंत्र दिवस की शुभ कामनाए


गणतंत्र  दिवस  की शुभ कामनाए....................

Saturday, January 15, 2011

नव वर्ष की शुभ कामनाए..........................

नव वर्ष की शुभ कामनाए..........................मकर संक्रांति मंगलमय हो .........................................

Thursday, November 4, 2010

              दीपावली की शुभ कामनाएं
 

Sunday, October 24, 2010

Wednesday, October 6, 2010

खरगोश

                          खरगोश 
कितना प्यारा बरफ सा ,
रुई जैसा कोमल गोल ,
मटोल अनमोल .
लाल लाल कंचे जैसी 
आँखे  जो व्यक्त करती हैं ,
इस मूक प्राणी की 
अनकही हजारों बातें ,
नर्म नाजुक दिल जो भय
 से धड़कता है सुपरसोनिक की गति से .
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                         घास :--
 कितनी अच्छी लगती ,
सारे दुःख चुप सहती,
 मन को ठंडक देती,
आँखों को तृप्ति .
बहुत जरासी साँसों,
से लम्बा जीवन जीती,
कितनी सह्रदय सहन शीला जो 
घाव ह्रदय  पे सहती  ,
पर कभी किसी से कुछ ना कहती 
पर रात्रि में अपनी मौन वेदना
चुपके से व्यक्त करती .
जो भोर के उजाले में ,
ओस के कणों में मिलती 
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 1984 में लिखित